सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Mata Skandamata - माता स्कन्दमाता


या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
About
When Goddess Parvati became the mother of Lord Skanda (also known as Lord Kartikeya), Mata Parvati was known as Goddess Skandamata. She sits on lotus flower and because of that Skandamata is also known as Goddess Padmasana. The complexion of Goddess Skandamata is Shubhra (शुभ्र) which describes her white complexion. Devotees who worship this form of Goddess Parvati get the benefit of worshipping Lord Kartikeya.
Rides (सवारी): Ferocious Lion(उग्र शेर)
Hold (अत्र-शस्त्र)
Four Hands: She carries baby Murugan in her lap. Lord Murugan is also known as Kartikeya and brother of Lord Ganesha. She carries lotus flowers in her upper two hands. She holds baby Murugan in one of her right hand and keeps the other right hand in Abhaya Mudra.
Expression (मुद्रा): Motherhood
Assigning Planet (ग्रह): Budha (बुद्ध)

नवरात्र से सम्बंधित अन्य आलेख पढ़े 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

विभिन्न परंपराओं में देवियाँ की महत्वपूर्ण भूमिका

देवी-देवताओं की पूजा विश्वभर में व्याप्त है, और उन्हें विभिन्न धर्मों और पौराणिक कथाओं में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इनका प्रतीक होने के साथ-साथ, उन्हें जीवन, प्रकृति, और मानवीय स्थितियों के विभिन्न पहलुओं का प्रतीक माना जाता है। वे प्रेम, शक्ति, ज्ञान, और सामाजिक न्याय के प्रतीक भी होते हैं, जिनका उल्लेख अनेक पुराणों और कथाओं में किया गया है। उनके कार्य और प्रभाव की कहानियां उन्हें शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्तित्वों के रूप में चित्रित करती हैं, जो प्राकृतिक और मानव दोनों जगत के लिए महत्वपूर्ण हैं। विभिन्न परंपराओं में देवियाँ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो जीवन, प्रकृति, और मानव अनुभव के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं। यहाँ कुछ प्रमुख परंपराओं की देवियों का अवलोकन दिया गया है: प्राचीन ग्रीक और रोमन पौराणिक कथाएँ: एफ़्रोडाइट/वीनस: प्रेम, सौंदर्य और इच्छा की देवी हैं। एफ़्रोडाइट बारह ओलंपियन देवताओं में से एक हैं और वे अक्सर समुद्र से निकलती हुई दिखाई देती हैं। एथेना/मिनर्वा: ज्ञान, युद्ध और शिल्प की देवी हैं। एथेना का जन्म ज़ीउस के सिर से हुआ था, जो पूरी तरह से कवच से सुसज्...

सुभाषितानि

There is no calamity greater than lavish desires. There is no greater guilt than discontent. And there is no greater disaster than greed. - Lau Tzu अत्यधिक महत्त्वाकांक्षाओं से बड़ी विपत्ति नहीं है, असंतोष से बड़ा अपराध-बोध नहीं है और लालच से बड़ा अमंगल नहीं है। - लाओत्से  Who is wise? The person that learns from everyone. Who is strong? The person who has control over his passions. Who is honoured? The person who honours others. And who is rich? The person who is satisfied with what he has. - Av Ben Zoma i Mishnah बुद्धिमान कौन है, जो सबसे कुछ सीख लेता है; शक्तिशाली कौन है, जिसका अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण है; सम्मानित कौन है, जो दूसरों का सम्मान करता है और धनवान कौन है, जो अपने पास जो भी है, उससे ही प्रसन्न है। - अव बेन जोमा इ मिश्नाह We do not so much need the help of our friends as the confidence of their help in need. - Epicurus हमें अपने मित्रों के सहयोग की उतनी आवश्यकता नहीं होती है जितना कि उनके सहयोग के विश्वास की आवश्यकता होती है। - एपिकुरुस We don't see thi...

Mahashivratri katha-2

भगवान शिव ने केतकी का फूल का  पूजा से किए त्याग क्यों किया ? शिवरात्रि हर माह के कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है, किन्तु फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी कौन बड़ा और कौन छोटा है, इस बात का फैसला कराने के लिए भगवान शिव के पास पहुंचे। इस पर भगवान शिव ने एक शिवलिंग को प्रकट कर उन्हें उसके आदि और अंत पता लगाने को कहा। उन्होंने कहा जो इस बात का उत्तर दे देगा वही बड़ा है। इसके बाद विष्णु जी उपर की ओर चले और काफी दूर तक जाने के बाद पता नहीं लगा पाए। उधर ब्रह्मा जी नीचे की ओर चले और उन्हें भी कोई छोर न मिला। नीचे की ओर जाते समय उनकी नजर केतकी के पुष्प पर पड़ी, जो उनके साथ चला आ रहा था। उन्होंने केतकी के पुष्प को भगवान शिव से झूठ बोलने के लिए मना लिया। जब ब्रह्मा जी ने भगवान शिव से कहा कि मैंने पता लगा लिया है और केतकी के पुष्प से झूठी गवाही भी दिलवा दी तो त्रिकालदर्शी शिव ने ब्रह्मा जी और केतकी के पुष्प का झूठ जान लिया। उसी समय उन्होंने न सिर्फ ब्रह्मा जी के उस सिर को काट दिया जिसने...