रामत्व
*रामत्व है क्या* ??? *काजु हमार तासु हित होई* *मेरा काम भी बने और अगले की भी हानि न हो*, यदि कोई वैरी भी है तो उसकी भी हित की चिंता ही रामत्व है। और हमलोग? हमलोग प्रायः यहीं पर चूक जाते ह...
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