Mahashivratri Katha - 4
फाल्गुन मास के दिन आने वाली महाशिवरात्रि पर शिव जी और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए भी इस पर्व को महाशिवरात्रि कहा जाता है। इस दिन शिव की पूजा विधि विधान से करें। शिव जी पर एक लोटा जल चढ़ाने से ही भगवान इंसान की मुराद पूरी कर देता है।
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