श्रीगणपति अथर्वशीर्ष स्त्रोत | Ganpati Atharvashirsha
गणेशजी की आराधना बहुत मंगलकारी मानी जाती है। गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ विशेष कल्याणकारी है। पाठ कब करें : प्रतिदिन प्रात:शुद्ध होकर इस पाठ करने से गणेशजी की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। नियमित पाठ, बुधवार और चतुर्थी, खासतौर पर गणेश जन्मोत्सव के 10 दिनों में | ॥ शान्ति पाठ ॥ ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ॥ स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायुः ॥ ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः ॥ स्वस्तिनस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ तन्मामवतु तद् वक्तारमवतु अवतु माम् अवतु वक्तारम् ॐ शांतिः । शांतिः ॥ शांतिः॥। अथ श्री गणपत्यथर्वशीर्ष ।।श्री गणपति अथर्वशीर्ष।। ॐ नमस्ते गणपतये। त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि त्वमेव केवलं कर्ताऽसि त्वमेव केवलं धर्ताऽसि त्वमेव केवलं हर्ताऽसि त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि त्व साक्षादात्माऽसि नित्यम्।।1।। ऋतं वच्मि। सत्यं वच्मि।।2।। अव त्व मां। अव वक्तारं। अव श्रोतारं। अव दातारं। अव धातारं। अवा...